शारजाह हत्या कांड: कर्नाटक के शख्स की हत्या, शव के 9 टुकड़े मिलने से सनसनी
शारजाह हत्या कांड में कर्नाटक के उडुपी निवासी अल्विन प्रकाश कुंदर की कथित हत्या का मामला सामने आया है। अल्विन करीब 14 वर्षों से शारजाह एयरपोर्ट पर काम कर रहे थे। जुलाई में संपर्क टूटने के बाद परिवार को उनके भारत लौटने की जानकारी दी गई थी। बाद में पासपोर्ट जांच में उनके भारत नहीं आने की जानकारी सामने आई। जांच के दौरान एक कार से उनका शव बरामद होने की जानकारी मिली। परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद उडुपी पुलिस से संपर्क किया गया। अब शारजाह पुलिस की जांच से हत्या के कारण और आरोपियों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में कर्नाटक के उडुपी जिले के कुंडापुर निवासी अल्विन प्रकाश कुंदर की कथित हत्या का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, अल्विन की हत्या जुलाई में हुई थी और करीब दो महीने बाद मामले का खुलासा हुआ। उनका शव एक कार से नौ टुकड़ों में कटा हुआ बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। शव को दो थैलों में रखा गया था। अल्विन करीब 14 वर्षों से शारजाह एयरपोर्ट पर काम कर रहे थे।

शारजाह हत्या कांड में परिवार को पहले नहीं मिली जानकारी

अल्विन के भाई अनिल प्रशांत कुंदर के मुताबिक, 20 जुलाई को उन्होंने भाई को फोन किया था, लेकिन जवाब नहीं मिला। बाद में एक संदेश आया कि वह ठीक हैं, हालांकि परिवार को यह जवाब असामान्य लगा। कुछ दिन बाद दोबारा संपर्क नहीं होने पर अनिल ने शारजाह में रहने वाले अल्विन के दोस्त मनोहर से मदद मांगी। कंपनी के फ्लैट पर पहुंचने पर कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि अल्विन भारत लौट चुके हैं। बाद में पासपोर्ट की जांच में उनके भारत नहीं आने की जानकारी सामने आई।

शारजाह हत्या कांड में कार से शव बरामद

इसके बाद अल्विन की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कर तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान ओमान जाने वाले रास्ते पर खड़ी एक कार से शव मिलने की जानकारी सामने आई। परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद अल्विन के भाई ने उडुपी पुलिस से संपर्क किया। पुलिस शारजाह अधिकारियों से आधिकारिक जानकारी और जांच से जुड़े विवरण मिलने का इंतजार कर रही है। फिलहाल हत्या के आरोपी, कारण और घटना में शामिल लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं है।

शारजाह हत्या कांड की जांच में कई सवाल

परिवार के मुताबिक, अल्विन की पत्नी टीना स्कूल टीचर हैं और उनका बेटा कक्षा 10 में पढ़ता है। उनके कथित तौर पर संपर्क में नहीं होने की कुछ जानकारी सामने आई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अनिल ने हत्या के तरीके को लेकर चिंता जताई है, हालांकि उनके बयान को उनका दावा और आकलन माना जाना चाहिए। हत्या का कारण और शव को इस तरह ठिकाने लगाने की वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस के लिए CCTV फुटेज, मोबाइल फोन, कार, पासपोर्ट और अन्य साक्ष्य अहम हो सकते हैं।