दादरी बूढ़ बाबू तालाब में फैला कचरा और बदहाल स्थिति

ग्रेटर नोएडा के दादरी में स्थित पौराणिक दादरी बूढ़ बाबू तालाब की स्थिति तेजी से deteriorate हो रही है। धार्मिक विश्वास से जुड़े इस तालाब को अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना था, लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद कार्य अधूरा रह गया है। करोड़ों रुपये की योजना अब बर्बादी और गंदगी का प्रतीक बन गई है।

दादरी बूढ़ बाबू तालाब बना डंपिंग ग्राउंड

स्थानीय लोगों के बताने के अनुसार तालाब में हर साल पहले मेला आयोजित होता था और यहां श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ आया करती थी। ऐसा मानते हैं कि इस तालाब के पानी से त्वचा रोगों में आराम मिलता है। लेकिन अब की स्थिति ऐसी है कि तालाब के आस-पास कचरे के ढेर नजर आते हैं। कई स्थानों पर इसका उपयोग खुले में शौच के लिए भी किया जा रहा है।

सुंदरीकरण योजना अधूरी

साल 2022 में तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना की घोषणा की गई थी। इस योजना में घाट, हरित पट्टी, स्ट्रीट लाइट और बीच में फाउंटेन लगाने का प्रावधान था। इसके लिए लगभग 1.27 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। लेकिन चारदीवारी बनने के बाद काम ठप हो गया और परियोजना अधूरी रह गई।

प्रशासन ने फिर दिया आश्वासन

नगरपालिका के अधिकारियों का कहना है कि बजट की कमी के चलते कार्य प्रभावित हुआ था। अब फिर से फंड मिलने के बाद अगले महीने में दादरी बूढ़ बाबू तालाब के पुनर्विकास का कार्य आरंभ किया जाएगा। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तालाब के अस्तित्व को जल्द सुरक्षित करने की अपील की है।


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By Simran Singh

सिमरन सिंह जन नाद की सक्रिय संवाददाता हैं। ये नोएडा और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सामाजिक और स्थानीय खबरों को कवर करती हैं। रिपोर्टिंग के अलावा इन्हें बैडमिंटन खेलना और कुकिंग में विशेष रुचि है।