नोएडा, 25 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
AAP बगावत के बीच आम आदमी पार्टी को एक बड़ा झटका मिला है। राज्यसभा के 10 में से 7 सांसदों ने पार्टी को छोड़ने का निर्णय लिया और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की। इस घटनाक्रम को उच्च सदन में महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है।
AAP बगावत का बड़ा फैसला
रिपोर्ट्स के अनुसार राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने BJP अध्यक्ष नितिन नवीन से चर्चा की। राघव चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है और संविधान के प्रावधानों के तहत BJP में विलय की प्रक्रिया आरंभ की गई है। उनके अनुसार 7 सांसदों ने दस्तावेज पर साइन कर राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया है।
किन-किन सांसदों ने छोड़ी पार्टी
इस AAP विद्रोह में हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सिंह सहनी और स्वाति मालीवाल के नाम भी शामिल हैं। चड्ढा ने कहा कि AAP अपने मूल सिद्धांतों से दूर हो गई है और पार्टी में बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण उन्होंने अलगाव बना लिया।
AAP और BJP आमने-सामने
आम आदमी पार्टी ने पूरे मामले को “ऑपरेशन लोटस” करार दिया और BJP पर सांसदों को तोड़ने का आरोप लगाया। अरविंद केजरीवाल ने इसे पंजाब के साथ धोखा बताया, वहीं संजय सिंह ने राज्यसभा के सभापति से इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की।
