नोएडा, 10 जुलाई 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
इंद्र देव हत्याकांड में 24 वर्ष बाद महत्वपूर्ण निर्णय आया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने 2002 में वरिष्ठ वकील और लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष इंद्र देव सिंह की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। फैसले के समय मृतक की बेटी और नोएडा पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह तथा उनकी माता नयनतारा सिंह अदालत में उपस्थित थीं।
इंद्र देव हत्याकांड में अदालत का फैसला
सीबीआई जांच के अनुसार, अदालत ने बृजेश यादव, पन्ना सिंह और विक्रम यादव को हत्या की साजिश बनाने और उसे अंजाम देने का दोषी पाया। तीनों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में छह आरोपियों में से तीन की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है।
इंद्र देव हत्याकांड की पूरी कहानी
8 अगस्त 2002 को लखनऊ के कैसरबाग टेलीफोन एक्सचेंज के पास इंद्र देव सिंह की दिन में गोली मारकर हत्या कर दी गई। शिकायत के बाद मामले की छानबीन सीबीआई को सौंप दी गई और वर्ष 2004 में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। जांच में ये बातें सामने आईं कि हत्या की योजना पांच बीघा भूमि के विवाद के चलते बनाई गई थी, जिसमें एक बर्खास्त लेखपाल की भी हिस्सेदारी बताई गई।
24 साल बाद मिला न्याय
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस निर्णय को परिवार के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है। फैसले के समय अदालत में उपस्थित लक्ष्मी सिंह और उनके परिवार ने न्याय मिलने पर खुशी व्यक्त की। इस निर्णय के साथ वर्षों से लंबित इस प्रख्यात हत्या मामले का कानूनी अध्याय लगभग समाप्त हो गया।
