नोएडा, 19 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
महिला आरक्षण बिल को लेकर लोकसभा में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को जल्द लागू करने के उद्देश्य से लाया गया संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। वोटिंग में बिल को जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया, जिससे यह प्रस्ताव गिर गया।
महिला आरक्षण बिल: वोटिंग में क्या हुआ
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार, कुल 528 सदस्यों में से 298 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 230 ने विरोध में मतदान किया। संविधान संशोधन के लिए जरूरी 352 वोट नहीं मिलने के कारण यह विधेयक पास नहीं हो सका। इसके बाद सरकार ने इससे जुड़े अन्य विधेयकों को भी वापस ले लिया।
महिला आरक्षण बिल: सरकार और विपक्ष आमने-सामने
सरकार की ओर से कहा गया कि यह महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का ऐतिहासिक मौका था। वहीं विपक्ष ने इसे संविधान और चुनावी ढांचे में बदलाव की कोशिश बताया। विपक्ष के नेताओं ने दावा किया कि यह कदम छोटे और दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को प्रभावित कर सकता है।
महिला आरक्षण बिल: आगे क्या असर पड़ेगा
इस विधेयक के खारिज होने के बावजूद 2023 में लागू महिला आरक्षण कानून अभी भी प्रभावी रहेगा। सरकार ने सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा था, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
