नोएडा, 17 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
नोएडा मजदूर आंदोलन के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि श्रमिकों से मिलने जा रहे उनके प्रतिनिधिमंडल को डीएनडी पर रोककर पुलिस लाइन ले जाया गया। इस घटना को सपा नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया है।
नोएडा मजदूर आंदोलन में सपा का आरोप
सपा के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल नोएडा पहुंचा था, लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें मजदूरों से मिलने नहीं दिया। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि प्रशासन द्वारा आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसका उन्होंने मौके पर विरोध भी किया।
नोएडा मजदूर आंदोलन में सरकार पर निशाना
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार मजदूरों, किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की जायज मांगों को मानने के बजाय उन्हें रोका और गिरफ्तार किया जा रहा है। साथ ही नजरबंदी की घटनाओं को भी लोकतंत्र के खिलाफ बताया गया।
नोएडा मजदूर आंदोलन पर मांगें
पार्टी ने मांग की है कि निर्दोष मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए और उनकी मांगों को लागू किया जाए। सपा ने यह भी कहा कि वह श्रमिकों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज उठाती रहेगी। वहीं प्रशासन की ओर से इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
