नोएडा, 17 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट: सिमरन सिंह
नोएडा मजदूर आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन बढ़ोतरी और बेहतर कार्य स्थितियों की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की नीतियों से नोएडा का औद्योगिक माहौल खराब हो रहा है।
नोएडा मजदूर आंदोलन पर सियासी घमासान
सपा के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल मजदूरों से मिलने नोएडा पहुंचा, लेकिन डीएनडी पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। बताया गया कि कुछ नेताओं को पहले ही रोकने की कोशिश की गई थी। सपा नेताओं का आरोप है कि मजदूरों की आवाज दबाने के लिए उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा।
नोएडा मजदूर आंदोलन में सपा प्रतिनिधिमंडल रोका गया
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने इसे श्रमिकों की पीड़ा का प्रतीक बताया, जबकि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने कहा कि लाठीचार्ज और सख्ती से समस्या का समाधान नहीं होगा। पार्टी नेताओं ने सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी करार दिया है।
नोएडा मजदूर आंदोलन पर कांग्रेस का बयान
वहीं सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हालात को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने और जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने की बात कही गई है। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई और मामले की जांच जारी है।
