नोएडा, 06 सितम्बर 2026 | रिपोर्ट: अपेक्षा चौधरी
तिलपता तालाब हादसे में मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला की डूबने से मौत के बाद ग्रामीणों ने सौंदर्यीकरण कार्य में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब में गहरा गड्ढा होने के बावजूद वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। मामले में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की गई है।
तिलपता तालाब हादसा और गहरे गड्ढे का आरोप
ग्रामीण अक्षय मुखिया की शिकायत के मुताबिक, तालाब के अंदर करीब 10 से 12 फीट गहरा गड्ढा था। आरोप है कि उसे भरने के बजाय सड़क पर जमा पानी उसी हिस्से में छोड़ दिया गया, जिससे वहां पानी भर गया। ग्रामीणों का दावा है कि महिला इसी गहरे हिस्से में गिरने के बाद डूब गई।
तिलपता तालाब हादसा: फेंसिंग पर भी सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, हादसे से पहले तालाब के आसपास तार की फेंसिंग नहीं थी। उनका कहना है कि पानी और गहरे हिस्से के बावजूद लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। महिला की मौत के बाद तालाब के आसपास तारबंदी का काम शुरू किया गया, जिसे ग्रामीण पहले किए जाने की मांग कर रहे थे।
तिलपता तालाब हादसा: जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। सूरजपुर कोतवाली पुलिस के अनुसार, शिकायत की जानकारी प्राधिकरण अधिकारियों को दे दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
