नोएडा, 26 सितम्बर 2026 | रिपोर्ट: अपेक्षा चौधरी
नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-105, 108, ATS Hamlet, गेझा और भगेल की ओर जाने वाले पहले एग्जिट पॉइंट पर आधिकारिक दिशा-सूचक बोर्ड नहीं होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। सेक्टर-105 RWA के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय के अनुसार, इस रास्ते से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। पहले यहां सेक्टर-105 और 108 की दिशा बताने वाला बोर्ड लगा था, लेकिन बाद में उसके स्थान पर व्यावसायिक विज्ञापन दिखाई देने लगा। बोर्ड नहीं होने से बाहर से आने वाले वाहन चालकों को एग्जिट का सही अंदाजा लगाने में दिक्कत होती है।
नोएडा एक्सप्रेसवे पर अचानक ब्रेकिंग का खतरा
RWA के अनुसार, तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को एग्जिट का संकेत समय पर नहीं मिलने से अचानक ब्रेक लगाना पड़ सकता है। इससे पीछे चल रहे वाहनों के लिए भी जोखिम बढ़ सकता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मार्ग कई बड़ी हाउसिंग सोसायटियों को जोड़ता है, इसलिए यहां स्पष्ट दिशा-सूचक व्यवस्था जरूरी है। खासकर रात के समय रिफ्लेक्टिव बोर्ड नहीं होने से परेशानी और बढ़ सकती है।
नोएडा एक्सप्रेसवे पर विज्ञापनों को लेकर सवाल
RWA अध्यक्ष ने सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध विज्ञापन और पोस्टर लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि सरकारी संपत्तियों और दीवारों पर अनधिकृत विज्ञापन लगाने से शहर की व्यवस्था और सौंदर्य प्रभावित होता है। RWA ने आरोप लगाया कि व्यावसायिक विज्ञापन के कारण पहले से मौजूद दिशा-सूचक व्यवस्था प्रभावित हुई है। इस संबंध में प्राधिकरण से नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
नोएडा एक्सप्रेसवे पर रिफ्लेक्टिव बोर्ड की मांग
दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा से पहले एग्जिट पॉइंट पर बड़ा और स्पष्ट रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाने की अपील की है। RWA की मांग है कि बोर्ड ऐसा हो जिसे दिन और रात दोनों समय आसानी से पढ़ा जा सके। साथ ही सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। क्षेत्रीय निवासियों को उम्मीद है कि प्राधिकरण इस मामले में जल्द आवश्यक कदम उठाएगा।
